. हाथरस कांड सत्संग या विनाश लीला ,

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आगरा लीड्स, हरेश त्यागी (संपादक) हाथरस की वीभत्स दुर्घटना हृदय विदारक है अंध विश्वास कहता है या समस्याओं से भरे देश में किसी आशा की किरण की इच्छा भोले बाबा की राज को छूकर दुःख हरण यह उचित होगा हम कलयुग में हैं सतयुग में हीं जो राम की राज केवल से तर जाते थे गीता का स्पष्ट संदेश है कर्म केवल कर्म धर्म के अर्थों को उचित होगा सत्संग सुनना अच्छी बात है जीवन को उचित अच्छी बातों को भड़काना लेकिन राज केवल से किसी मिरेकिल कम से कम कलियुग में संभव नहीं हैं वृंदावन के बाँके बिहारी सहित हमारे कई मंदिर प्रबंधकों का शिकार हैं दुर्घटना भी हो चुकी है बड़े दुर्घटनाओं का इंतजार है समय हर मंदिर में व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी किसी भी भी कथा सत्संग के लिए अनुमति देना समय संख्या और स्थान का ध्यान आवश्यक है इस दुःखद घटना पर दुःख जताने हर संभव मदद के अतिरिक्त किसी मनुष्य के बस में कुछ नहीं है जो उनके प्रियजन खोये हैं उन्हें सहन शक्ति और मृत आत्मा को शांति हेतु परम पिता से प्रार्थना है ।

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